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बेल नदी, जिला बैतूल/छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Bel River, Betul /Chhindwara, Madhya Pradesh)

(👆बेेल नदी {Bel River} उद्गम स्थल)

बेल नदी, छिंदवाड़ा जिले की पश्चिमी सीमा पर स्थित, बैतूल जिले में पूर्वी सीमा के ग्राम बैल मडई पंखा से निकलती है। यहां के नाग सरोवर तालाब से बेल नदी का उद्गम हुआ है। यहां आसपास ही लगभग सौ साल पुराने सात मंदिर थे। जो तालाब गहरीकरण के कारण क्षतिग्रस्त हो गए और अपने वजूद से धुंधले हो गया।

छिंदवाड़ा जिले एवं बैतूल जिले की सीमा का निर्धारण बेल नदी करती है। यह नदी बेल (लता) की भांति बहती है। इसलिए इस नदी को बेल नदी कहा जाता है। बेल नदी अपने उद्गम से निकलकर बहती हुई यह दक्षिण दिशा की ओर ग्राम ससुंद्रा, देवठान, रमली, केदारखेड़ा, लाला बाड़ी, सोनतलाई, जम्बाड़ा , बारछी, खेड़ली बाजार, खजरी, बंगा, मंडला, निमोटी, सतग्वारी, ढाकरवाड़ी होते हुए बहती जाती है। 

बेल नदी, छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव विकासखंड की ग्राम पंचायत ढाकरवाडी़ के ग्राम निमोटी से आगे बहती जाती है। ग्राम निमोटी में बेल नदी के किनारे सुप्रसिद्ध नागदेव मंदिर (धनगौरी मंदिर), डोमन शेष मंदिर स्थित है। जो छिंंदवाड़ा जिलेबैतूल जिलेे का प्रसिद्ध सिद्ध स्थल है।

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यहां ग्राम निमोटी से नाग पंचमी के अवसर पर होशंगाबाद जिले के पचमढ़ी के समीप जंगल में स्थित नागद्वारी मेला यात्रा की शुरुआत अर्थात पहली सीढ़ी निमोटी ग्राम के नागदेव मंदिर से प्रारंभ की जाती है। 

नागद्वारी यात्रा में महाराष्ट्र राज्य के नागपुर,अमरावती, अकोला, वर्धा तथा मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, होशंगाबाद से लाखों भक्त अपनी यात्रा का प्रारंभ नागदेव मंदिर, निमोटी से करते हैं। 

नाग पंचमी और रक्षाबंधन व महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशालकाय मेला भरा जाता आ रहा है। बेल नदी आगे धगड़िया माल, उमरडोह के पास ग्राम रहप के निकट बेल नदी का संगम कन्हान नदी में हो जाता है।  

बेल नदी की लंबाई उद्गम स्थल से संगम स्थल तक लगभग 100 किलोमीटर की है। वैसे तो बेल नदी, बैतूल जिले के सीमांत ग्राम से निकली है, किन्तु संपूर्ण नदी जिला छिंदवाड़ा में बहती हुई कन्हान नदी में समाहित हो जाती है।

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